Woot! Deja vu!
आखों में तुम, नीदों में तुम,
बातों में तुम, साँसों में तुम,
इस दिल की बढती हुई धडकन में भी तुम ....
ख्वाबों में तुम, खयालों में तुम,
नजरों में तुम, नजारों में तुम,
सवालों के सारे जवाबों में तुम .....
यादों में तुम, इशारों में तुम,
सितारों में तुम, फिजाओं में भी तुम.
जहाँ देखू बस तुम, तुम और तुम ही तुम .... Java EE, my new love.
The days, when I used to code in my dreams, are back!
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